नीतीश कुमार की स्मार्ट प्रीपेड मीटर पहल की देशभर में हो रही सराहना
नीतीश कुमार की स्मार्ट प्रीपेड मीटर पहल की देशभर में हो रही सराहना
नीतीश कुमार की सरकार ने बिहार में एक ऐसा उल्लेखनीय कार्य किया है जिसकी प्रशंसा पूरे देश में हो रही है। उन्होंने बिहार के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में "स्मार्ट प्रीपेड मीटर" लगाने की पहल शुरू की है। इस योजना का उद्देश्य हर घर में स्मार्ट मीटर लगाना है ताकि बिजली की खपत को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया जा सके।
बिहार का यह मॉडल इतना सफल रहा है कि महाराष्ट्र और केरल जैसी अन्य राज्यों के अधिकारी भी इसे अध्ययन करने के लिए बिहार आ रहे हैं। हाल ही में, महाराष्ट्र स्टेट इलेक्ट्रिसिटी डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के चीफ इंजीनियर और सीजीएम ने पटना का दौरा किया और स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने के अनुभवों और चुनौतियों पर चर्चा की।
इसके अलावा, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ की टीमों ने भी बिहार के इस मॉडल को समझने के लिए दौरा किया है। उत्तर प्रदेश के अधिकारियों ने इस विषय पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भी बैठक की थी।
बिहार स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाने में देश का अग्रणी राज्य बन गया है। बिहार में सबसे अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं, और अब इस प्रक्रिया में कई कंपनियां शामिल हो गई हैं, जिनमें अडाणी समूह भी शामिल है। बिहार पहला राज्य है जिसने ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए हैं।
इन स्मार्ट मीटरों की स्थापना के दौरान, उपभोक्ताओं के पहले से बकाया बिलों का भुगतान किए बिना मीटर नहीं लगाए जाते हैं, जिससे बिजली कंपनियों को बकाया वसूलने में मदद मिलती है। कुछ उपभोक्ताओं ने शिकायत की थी कि ये मीटर तेज चलते हैं, जिसके बाद कंपनी ने पुराने मीटर को स्मार्ट मीटर के साथ समानांतर रूप से चलाने की व्यवस्था की, ताकि उपभोक्ताओं को यह समझ आ सके कि यह केवल उनका भ्रम है।
बिहार के इस मॉडल की सफलता को देखकर अब अन्य राज्य भी इसे अपनाने की दिशा में विचार कर रहे हैं।
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